garmiyo m kaise apne pashu ki dekhbhal kare
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गर्मियों में पशुओं की देखभाल: दूध बढ़ाने और बीमारियों से बचने का सटीक तरीका

भारत में गर्मियों का मौसम पशुपालन के लिए एक बड़ी चुनौती लेकर आता है। जब तापमान 40°C के पार जाने लगता है, तो इसका सीधा असर हमारी गाय (Cow) और भैंस (Buffalo) की सेहत और उनकी दूध देने की क्षमता पर पड़ता है।गर्मियों में पशुओं की देखभाल: दूध बढ़ाने और बीमारियों से बचने का सटीक तरीका एक किसान के लिए उसके पशु ही उसकी असली संपत्ति होते हैं। अगर आप भी इस गर्मी अपने पशुओं को लू (Heat Stroke) से बचाना चाहते हैं और दूध की मात्रा को बढ़ाना चाहते हैं, तो यह ब्लॉग आपके बहुत काम आएगा। 1. गर्मी का पशुओं पर प्रभाव (Heat Stress) इंसानों की तरह पशुओं को भी गर्मी सताती है। जब पशु का शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता, तो वह ‘हीट स्ट्रेस’ का शिकार हो जाता है। इसके मुख्य लक्षण ये हैं: पशु का बार-बार हांफना। मुंह से लार गिरना। पशु का दाना-चारा कम कर देना। दूध के उत्पादन में अचानक गिरावट आना। 2. पशुओं के लिए आवास (Housing) का प्रबंधन गर्मियों में पशुओं को ठंडा रखना सबसे पहला और जरूरी कदम है। हवादार शेड: पशुओं के बांधने की जगह ऊंची और हवादार होनी चाहिए। अगर छत टिन की है, तो उसके ऊपर घास-फूस या पराली डाल दें, जिससे नीचे गर्मी कम होगी। पंखे और फॉगर्स: अगर संभव हो तो शेड में पंखे लगाएं। बड़े डेयरी फार्मों में ‘मिस्ट कूलिंग सिस्टम’ (फव्वारे) का उपयोग करें जो हवा में नमी बनाए रखते हैं। पेड़ों की छाया: दिन के समय पशुओं को घने पेड़ों की छाया के नीचे बांधना सबसे अच्छा प्राकृतिक उपाय है। नहलाना: दिन में कम से कम 2 से 3 बार ठंडे पानी से पशुओं को नहलाएं। भैंसों को पानी में बैठना पसंद होता है, इसलिए उन्हें तालाब या हौज में नहलाना बहुत फायदेमंद रहता है। 3. खान-पान में बदलाव: दूध बढ़ाने का फार्मूला गर्मियों में पशु की भूख कम हो जाती है लेकिन प्यास बढ़ जाती है। इसलिए उनके आहार में ये बदलाव करें: (क) पानी की पर्याप्त उपलब्धता पशु के पास 24 घंटे साफ और ठंडा पानी मौजूद होना चाहिए। एक दुधारू पशु को गर्मी में रोजाना 80 से 100 लीटर पानी की जरूरत होती है। पानी में थोड़ा नमक मिलाने से पशु ज्यादा पानी पीता है। (ख) हरा चारा (Green Fodder) गर्मियों में सूखे भूसे की मात्रा कम करें और हरा चारा ज्यादा दें। बरसीम, ज्वार, या बाजरा जैसे हरे चारे में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो पशु के शरीर में नमी बनाए रखती है। (ग) आहार देने का सही समय दोपहर की चिलचिलाती धूप में भारी भोजन देने से बचें। पशु को सुबह जल्दी और रात को ठंडे समय में चारा देना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। रात को पशु शांति से भोजन पचा पाता है। 4. फार्मा दवाएं और सप्लीमेंट्स: सेहत और दूध का राज सिर्फ चारा ही काफी नहीं होता, पशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और दूध की गुणवत्ता (FAT और SNF) बढ़ाने के लिए सही फार्मा सप्लीमेंट्स जरूरी हैं: सप्लीमेंट / दवा लाभ और उपयोग मिनरल मिक्सचर (Mineral Mixture) यह पशु की इम्यूनिटी बढ़ाता है। रोजाना 50-60 ग्राम चारा-बंटा में मिलाकर दें। लिवर टॉनिक (Liver Tonic) गर्मी में पाचन बिगड़ने पर लिवर टॉनिक भूख बढ़ाने में मदद करता है। कैल्शियम सप्लीमेंट्स दूध की मात्रा बनाए रखने और हड्डियों की मजबूती के लिए अच्छी क्वालिटी का लिक्विड कैल्शियम दें। इलेक्ट्रोलाइट्स (Electrolytes) लू से बचाने के लिए पानी में मिलाकर दें, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहे। डीवर्मिंग (Deworming) पेट के कीड़े मारने की दवा (जैसे एल्बेंडाजोल) समय-समय पर दें ताकि खाया-पिया शरीर को लगे। Export to Sheets 5. दूध बढ़ाने के कुछ कारगर घरेलू नुस्खे दवाइयों के साथ आप इन घरेलू उपायों को भी अपना सकते हैं: गोंद कतीरा: इसे रात भर पानी में भिगोकर सुबह पशु को पिलाने से शरीर की आंतरिक गर्मी शांत होती है। नींबू-चीनी का घोल: हफ्ते में दो बार पशु को नींबू पानी और गुड़ या शक्कर का घोल पिलाने से उन्हें तुरंत एनर्जी मिलती है। सरसों का तेल और मेथी: संतुलित मात्रा में मेथी और सरसों का तेल चारे में देने से पशु का स्वास्थ बना रहता है और दूध का फैट बढ़ता है। 6. बीमारियों से बचाव और टीकाकरण गर्मी के अंत और मानसून की शुरुआत में गलघोंटू (HS) और मुंहपका-खुरपका (FMD) जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। समय पर टीकाकरण: अपने नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल से संपर्क करें और पशुओं का टीकाकरण (Vaccination) जरूर करवाएं। साफ-सफाई: पशुओं के बैठने वाली जगह पर कीचड़ न होने दें। मक्खी और मच्छरों से बचाने के लिए नीम के तेल का छिड़काव करें। निष्कर्ष (Conclusion) पशुपालन में सफलता का मंत्र है—पशु की खुशी। अगर आपका पशु तनाव मुक्त और स्वस्थ है, तो वह भरपूर दूध देगा। गर्मियों में ठंडा पानी, पौष्टिक आहार, और सही सप्लीमेंट्स देकर आप न केवल अपने पशु को बीमारियों से बचा सकते हैं, बल्कि अपनी डेयरी के मुनाफे को भी बढ़ा सकते हैं। उम्मीद है कि यह जानकारी आपके काम आएगी। पशुपालन से जुड़ी और भी जानकारियों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें! Nutraback Pharmaceuticals